अयोध्या मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, मध्यस्थता समिति की रिपोर्ट पर रहेगी नजर

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नई दिल्ली. अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ इस मसले पर सुबह 10:30 बजे सुनवाई शुरू करेगी. कोर्ट मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट देखने के बाद आदेश देगा.
अगर कोर्ट मध्यस्थता प्रकिया बन्द करने को सही ठहराता है, तो इस मसले पर 25 जुलाई से रोजाना सुनवाई का आदेश दे सकता है. इस मामले में सभी पक्षों में आपसी रजामंदी से बात बनती नजर आ रही है या नहीं ये बात मध्यस्थता समिति कोर्ट को बताएगी.
दरअसल पिछली सुनवाई में हिन्दू पक्षकार गोपाल विशारद के वकील परासरन ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की तारीख तय करने की मांग की थी. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि अगर कोई समझोता हो भी जाता है, तो उसे कोर्ट की मंजूरी ज़रुरी है.
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुआई वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस कलीफुल्ला की अध्यक्षता में मध्यस्थता कमेटी बनाकर इस मुद्दे को बातचीत के ज़रिए आपसी रजामंदी से सुलझाने की पहल की थी.
मुस्लिम पक्षकारों की ओर से राजीव धवन ने विरोध जताते हुए कहा था कि ये मध्यस्थता प्रकिया की आलोचना करने का समय नहीं है. राजीव धवन ने मध्यस्थता प्रकिया पर सवाल उठाने वाली अर्जी को खारिज करने की मांग की थी.
मगर निर्मोही अखाड़ा ने गोपाल सिंह की याचिका का समर्थन करते हुए कहा था कि मध्यस्थता प्रकिया सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रही है. क्योंकि इसमें सिर्फ समय बर्बाद हो रहा है. इसलिए कोर्ट कमेटी खत्म कर स्वयं सुनवाई कर इस मसले को सुलझाए.
अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को 6 दिसंबर 1992 को गिरा दिया गया था. विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण की मांग देश में लंबे समय से की जा रही हैं और दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा है.
पीठ ने कहा था कि कोर्ट मध्यस्थता समिति की दाखिल की गई रिपोर्ट को देखने के बाद 18 जुलाई को उचित आदेश जारी करेगी. समिति में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पांचू भी शामिल हैं. शेयर करेंLike this:Like Loading…