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अलवर लिंचिंग मामला- मृतक पहलू खान के खिलाफ ही दायर हुई चार्जशीट

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अलवर लिंचिंग मामला- मृतक पहलू खान के खिलाफ ही दायर हुई चार्जशीट

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नई दिल्ली. राजस्थान के अलवर(Alwar) मॉब लिंचिंग मामले में नया मोड़ आया है. राजस्थान पुलिस ने पहलू खान के खिलाफ ही चार्जशीट दायर कर दी है. पहलू खान के बड़े बेटे इरशाद का नाम भी चार्जशीट में शामिल है. पहलू खान (Pehlu Khan) पर गौ-तस्करी का आरोप है. मॉब लिंचिंग केस में पहलू खान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) की भी प्रतिक्रिया आई है. पहलू खान के खिलाफ चार्जशीट (Chargesheet) दायर होने के मामले पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok gahlot) ने कहा कि इस मामले की जांच बीजेपी सरकार में हुई थी और चार्जशीट भी उसी वक्त पेश हुई थी. अगर जांच में किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है तो केस की दोबारा जांच होगी. चार्जशीट दायर होने पर सियासत भी शुरू हो गई है. बीजेपी नेता ज्ञानदेव आहूजा ने कांग्रेस पर सवाल उठाया है. आहूजा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने पहले पहलू खान के घर जाकर उन्हें मदद की थी. अब कांग्रेस सरकार पहलू खान पर चार्जशीट दायर कर रही है. चार्चशीट सामने आने के बाद एआईएमआईएम (AIMIM) नेता असद्दुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कांग्रेस की सत्ता को भी भाजपा जैसा बताया है. Congress in “Power” is replica of BJP ,Muslims of Rajasthan must realise this,reject such individuals/organisations who are brokers of congress party,& start developing their own independent political platform ,70 years is a long time please CHANGE https://t.co/gLsimg1m50— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) June 29, 2019 साल 2017 में पहलू खान की भीड़ ने उस वक्त पीट-पीट कर हत्या कर दी थी, जब वो गाड़ी में मवेशी को को ले जा रहे थे. गौरक्षकों ने गोतस्करी के शक में पहलू खान की पिटाई की थी. भीड़ की पिटाई के बाद पहलू खान की अस्पताल में मौत हो गई थी. पुलिस चार्जशीट में उस पिक-अप ट्रक के मालिक का नाम भी दर्ज है, जिसे मवेशियों को लाने-ले जाने के लिए इस्‍तेमाल किया गया. डेयरी कारोबार चलाने वाले पहलू खान को 1 अप्रैल, 2017 को बहरोर के पास गोरक्षकों की भीड़ ने गो-तस्‍करी के संदेह में पीट-पीटकर मार डाला था. लिन्चिंग के इस मामले ने राजस्थान समेत पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. दो साल पहले हुई इस घटना के समय राज्य में बीजेपी की सरकार थी और वसुंधरा राजे सिंधिया मुख्यमंत्री थीं. सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार की तरफ से पिछले साल 30 दिसंबर को ये चार्जशीट तैयार की गई थी. वहीं, 29 मई, 2019 को बहरोड़ के एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्‍ट्रेट की अदालत में चार्जशीट पेश की गई. शेयर करें

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