आज है राधा रानी का जन्मदिन, बरसाने में जुटे श्रृद्धालु, जाने क्या है पूरे मेले की व्यवस्था..

0
1



भगवान श्रीकृष्ण का नाम राधा रानी के बिना अधूरा है. भगवान श्रीकृष्ण की प्रियेसी राधा रानी का आज प्रकटोत्सव है. मान्यता है कि भगवान के जन्म के 15 दिन बाद राधा रानी का जन्म हुआ था. राधा अष्टमी बरसाना, मथुरा, वृंदावन और देश के कई हिस्सों में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. कृष्ण के नाम के पहले राधा रानी का नाम लिया जाता है. वेदों में भी राधा रानी को मान्यता दी गई है. उन्हे कृष्ण वल्लभा का दर्जा दिया गया है. मान्यता है कि राधा जी का मंत्र जाप करने से या राधे- राधे जप करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. राधा को भगवान श्रीकृष्ण के प्राणों की अधिष्ठात्री देवी माना गया है.
क्या है प्रशासन की व्यवस्था-
बरसाना में आज राधारानी का प्रकटोत्सव मनाया जा रहा है. वहां प्रशासन ने मेला भीड़ को नियंत्रण में ऱकने के लिए बैरियर की व्यवस्था की है.10 मोबाइल टॉयलेट व 20 पानी के टैंकर मेला क्षेत्र में जगह जगह तैनात रहेंगे. मेला क्षेत्र को 7 जोन और 21 सेक्टर्स में बांटा है. पूरे मेले को सीसीटीवी से कवर किया गया है. सादे कपड़ों में भी पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं.
कहां- कहां रोके जाएगें वाहन- पूरा रूट डायवर्जन
राधा रानी मंदिर से 5 किलोमीटर दूर ही वाहनों को रोका जाएगा. इस दौरान नंदगांव से आने वाले वाहनों को संकेत व गाजीपुर पर बने पार्किंग स्थल पर रोका जाएगा.
छाता से आने वाले सभी वाहनों को श्रीनगर मोड़ पर रोके जाने की व्यवस्था की गई है. गोवर्धन की तरफ से आने वाले वाहनों को क्रेशर के पास तथा कांमा की तरफ से आने वाले सभी वाहनों को राधा बाग के पास रोका जाएगा.
राधाष्टमी मेले में अगर कोई प्याऊ लगवाना चाहता है या भंडारा कराना चाहता है तो एसडीएम गोवर्धन के कार्यालय में आवेदन कर अनुमति ले सकता है. एसडीएम राहुल यादव ने कहा कि परिक्रमा देने वाला श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाएगा. उसे दर्शन करने के लिए दोबारा से सीढ़ियां चढ़नी पड़ेगी. फिलहाल राधा रानी का प्रकटोत्सव मनाने के लिए विदेशों से भी श्रृद्दालु आ रहे हैं. बरसाने में इस समय दर्शनार्थियों का रेला लग रहा है. मधुकर वाजपेयी / Madhukar Vajpayee शेयर करेंLike this:Like Loading…