कश्मीर मुद्दे पर संसद में बयान देंगे गृहमंत्री अमित शाह…

0
1



नई दिल्ली. कश्मीर घाटी (Kashmir) में तनाव के हालात बने हुए हैं. जम्मू-कश्मीर आरक्षण (दूसरा संशोधन) विधेयक को पेश करने के लिए तैयार हैं. लोकसभा में दोपहर 12 बजे अमित शाह का बयान होगा. राज्यसभा में 11 बजे बयान देंगे. कश्मीर पर सरकार की नीति बताएंगे अमित शाह. राज्यसभा में आज गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) जम्मू और कश्मीर आरक्षण आधिनियम 2004 में संशोधन बिल पेश करेंगे. ये विधेयक पहले ही 1 जुलाई को लोकसभा में पारित हो चुका है. जम्मू और कश्मीर आरक्षण अधिनियम, 2004 अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों सहित विभिन्न श्रेणियों के लोगों के लिए प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई करने के लिए प्रवेश और भर्ती में आरक्षण का प्रावधान देता है. हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में रहने वालों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलता है. इस विधेयक में संशोधन राज्य में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत कोटा बढ़ाने के लिए लाया जा रहा है. हालांकि, जम्मू और कश्मीर आरक्षण अधिनियम, 2004 में विस्तार की अनुमति नहीं है क्योंकि राज्य में आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता है. घाटी के हालातों को देखते हुए जम्मू और कश्मीर में भारी मात्रा में सुरक्षा बल की तैनाती कर दी गई है. कई बड़े नेताओं को नजरबंद किया गया है. रविवार को पर्यटकों की वापसी और सरकारी तंत्र के लिए घजारी कई दिशा-निर्देश के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, गृह मंत्री राजीव गावा और खुफिया विभाग के प्रमुखों के साथ मैराथन बैठक की. बुधवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक सोमवार को बुलाई गई है. अमरनाथ यात्रा के जारी रहते ही पाकिस्तान की ओर से बड़ी संख्या में घुसपैठ कराने की कोशिश की गई. ये कोशिश लगातार जारी है. जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई सैनिक और आतंकवादी मारे गए हैं. इसी के मद्देनजर अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) को निलंबित करने और पर्यटकों को तत्काल वापस बुलाने का फैसला लिया गया है. सरकार के ताबड़तोड़ निर्णय के कारण विपक्ष में हलचल है. कांग्रेस ने जहां स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. वहीं पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने रविवार शाम ही सर्वदलीय बैठक बुलाई. पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस लगातार केंद्र सरकार पर अंधेरे में रखने का आरोप लगा रहे हैं. भविष्य में इसी से जुड़े मुद्दों पर सरकार कोई बड़ा फैसला कर सकती है. जहां तक घाटी में सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाने की बात है तो यह स्वतंत्रता दिवस को ले कर है. गौरतलब है कि दशकों बाद पहली बार घाटी के गांव गांव में तिरंगा झंडा फहराए जाने की संभावना है. केंद्र सरकार मौजूदा सत्र में एक के बाद एक बिल पास किए जा रही है. जानकारी के मुताबिक मौजूदा सत्र में मोदी सरकार ने 35 अलग-अलग बिलों को पास करने का लक्ष्य रखा है. इसी बात को देखते हुए केंद्रीय मंत्रीमंडल की सहमति से जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की सीमा 6 महीने के लिए बढ़ा दी गयी थी. पहले ये सीमा 3 जुलाई को समाप्त होने वाली थी. शेयर करेंLike this:Like Loading…