जब तक असमानता तब तक रहना चाहिए आरक्षण, NRC की खामियां दूर करे सरकार-RSS

0
2



नई दिल्ली/पुष्कर, 9 सितंबर. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की फाइनल लिस्ट पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) ने भी सवाल उठाए हैं. RSS ने सात से नौ सितंबर तक राजस्थान के पुष्कर में तीन दिनों तक चली समन्वय बैठक में कहा कि एनआरसी की फाइनल लिस्ट में कुछ गड़बड़ियां हैं. इनको दूर करने के लिए मोदी सरकार आगे आए. संघ ने घुसपैठियों को बाहर करने की भी मांग की.बैठक में एनआरसी पर हुई चर्चा के बारे में आरएसएस के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बैठक में एनआरसी को लेकर बहुत सारे सवाल उठे. चर्चा में यह बात सामने आई कि बहुत सारे घुसपैठिए एनआरसी में अपना नाम डलवाने में कामयाब हो गए हैं. एक जटिल समस्या है. इसका समाधान खोजा जाना चाहिए. यहां पर लोगों ने इस बारे में सवाल उठाए हैं. बैठक में कहा गया कि एनआरसी एक बहुत जटिल मुद्दा है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के कारण असम सरकार को इस बारे में सीमित समय में कार्य करना था. असम में बांग्लादेश से बड़ी तादाद में घुसपैठिए गए हैं. वह मतदाता सूची में आ गए हैं, आधार कार्ड में आ गए. इसलिए एक तरीके से जटिल समस्या है. इस रिपोर्ट में कुछ कमियां भी हो सकती हैं. उन कमियों को दूर करते हुए, आगे बढ़ना चाहिए. पर उन्होंने जो किया है, उसका हम स्वागत करते हैं. अनुच्छेद-370 हटने पर RSS ने जताई खुशी
जम्मू कश्मीर में धारा 370 के हटाए जाने पर संघ ने कहा कि लंबे समय से हमारे कार्यकर्ता इसकी मांग कर रहे थे. वहां पर घाटी में संघ के कार्यकर्ताओं ने कड़ी मेहनत कर लद्दाख जैसे इलाकों में प्रखर राष्ट्रवाद को खड़ा किया था जिसका परिणाम है कि अनुच्छेद 370 हटाया जा सका है. कश्मीर के नेताओं के नजरबंद किए जाने की तुलना कांग्रेस के कार्यकाल में जयप्रकाश नारायण को जेल में डालने से करते हुए कहा कि चुने हुए नेताओं ने भी गलतियां की हैं जिसकी वजह से यह सब हुआ है केंद्र सरकार वहां पर अमन बहाली के लिए यह सारे काम कर रही है. आरक्षण का किया समर्थन
इसके साथ ही होसबोले ने कहा कि समय-समय पर आरक्षण की समीक्षी होनी चाहिए. जब तक असमानता रहेगी, तब तक आरक्षण भी रहेगा. संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि आरएसएस संविधान द्वारा दिए गए आरक्षण का पूरी तरह समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि समाज में आर्थिक और सामाजिक असमानता है और इसी वजह से आरक्षण भी जरूरी है. संघ की आनुषांगिक संगठनों के साथ तीन दिवसीय समन्वय बैठक के आखिरी दिन सोमवार को उन्होंने कहा कि समाज में आज भी आर्थिक और सामाजिक समानता नहीं है, ऐसे में संविधान द्वारा दिए गए आरक्षण का हम पुरजोर समर्थन करते हैं.’ इस सवाल पर कि क्या आरक्षण की समीक्षा नहीं होनी चाहिए, उन्होंने कहा कि यह निर्णय लेना इससे जुड़े लोगों और नीति-निर्धारकों का काम है. हालांकि उन्होंने कहा कि आरक्षण तब तक जारी रहना चाहिए, जब तक उसके लाभार्थियों को लगता है कि यह जरूरी है.’ शेयर करेंLike this:Like Loading…