Home आस्था ज्ञान-मेधा की दुनिया का एक सितारा अस्त हो गया: हरिवंश

ज्ञान-मेधा की दुनिया का एक सितारा अस्त हो गया: हरिवंश

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ज्ञान-मेधा की दुनिया का एक सितारा अस्त हो गया: हरिवंश

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मशहूर गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन पर राज्यसभा उपसभापति हरिवंश ने गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा कि वह अद्भुत प्रतिभाशाली व्यक्ति थे. ज्ञान और मेधा की दुनिया में भारत की ओर से वे एक चमकते सितारे थे. उनके निधन से वह सितारा अस्त हो गया.  उन्होंने कहा कि गणित की दुनिया में किए गए अपने मौलिक काम की वजह से सिंह हमेशा ज्ञान की दुनिया में अमर रहेंगे. हरिवंश ने अपने शोक संदेश में वशिष्ठ बाबू को याद करते हुए कहा कि पत्रकारिता करते हुए वह जिस अखबार में काम करते थे. उन्होंने कहा कि उस अखबार के जरिये न सिर्फ वशिष्ठ बाबू पर विशेष सामग्री का प्रकाशन कई बार किए-कराये थे, बल्कि जब उनकी तबियत खराब हुई थी तो इलाज के सहयोग के लिए नागरिकों से आर्थिक सहयोग करने का आह्वान भी किए थे, अभियान भी चलाये थे, जिसका असर हुआ था और लोगों ने सहयोग किया था. हरिवंश ने कहा कि पिछले दो-तीन दशक से अस्वस्थ होने के बाद वह अपने गांव भोजपुर के बसंतपुर या पटना में रहते थे, तो उसी पर ज्यादा बात होती रही या उनकी बीमारी आदि का प्रसंग ही ज्यादा चर्चे में आता रहा. अब जब वह नहीं हैं तो उनके व्यक्तित्व को समग्रता में जानने की जरूरत है. राज्यसभा के उपसभापति ने बताया कि वशिष्ठ बाबू ने बर्कली के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से 1969 में गणित में पीएचडी की थी. पटना साइंस कॉलेज में पढ़ते हुए ही उनकी मुलाकात अमेरिका से पटना आए प्रोफेसर कैली से हुई थी. उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर प्रोफेसर कैली ने उन्हें बरकली आकर शोध करने का निमंत्रण दिया.  उन्होंने बताया कि 1963 में वे कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय में शोध के लिए गए. 1969 में उन्होंने कैलीफोर्निया विश्वविघालय में पीएचडी प्राप्त की. वहां रहते हुए उनके शोध कार्य ने उन्हें दुनिया भर में प्रसिद्ध कर दिया. बाद में वह वाशिंगटन में भी गणित के प्रोफेसर रहे और कुछ समय के लिए आईआईटी कानपुर में भी. हरिवंश ने कहा कि वह वशिष्ठ बाबू जहां भी रहे, वहां अपनी प्रतिभा और मेधा की छाप छोड़े, सबके प्रिय बने रहे. उनके न रहने पर भी उनका कृतित्व हमेशा लोगों के बीच उन्हें प्रिय बनाकर रखेगा और वह हमेशा न सिर्फ बिहार बल्कि देश की पहचान की रेखा में शामिल रहेंगे. ../अजीत Like this:Like Loading…

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