झूला महोत्सव का आगाज, महिलाओं ने श्रीकृष्ण को झुलाया झूला

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हमीरपुर जिले के एक गांव में सैकड़ों साल पुरानी प्रथा झूला महोत्सव का आगाज हो गया है. यहां श्रीकृष्ण को महिलायें सावन के गीत गाकर झूला झुलाती हैं. झूला महोत्सव में भक्ति गीत, सावन गीत और लोकगीत की धूम भी अब शुरू हो गयी है. स्थानीय और बाहरी कलाकारों के कार्यक्रम को सुनने के लिये महोत्सव में आसपास के गांवों की महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है. सावन झूला महोत्सव का समापन रक्षाबंधन के दिन होगा फिर अगले दिन कजली महोत्सव की धूम मचेगी. जिले के सुमेरपुर क्षेत्र का विदोखर गांव ऐतिहासिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है. यहां किसी जमाने में उन्नाव के ठाकुरों का गांव के ठाकुरों से भीषण संग्राम हुआ था, जिसमें एक नरेश की हत्या के बाद गांव में सामूहिक रूप से नरसंहार हुआ था. इस गांव में इन दिनों सावनी झूला महोत्सव का आगाज कर दिया गया है. गांव के समाजसेवी मिथलेश द्विवेदी ने बताया कि गांव में सैकड़ों साल पुरानी परम्परा के तहत झूला महोत्सव का आयोजन हर साल इसी अवधि में होता है. इसमें भगवान श्रीकृष्ण को झूला झुलाया जाता है. ये महोत्सव लगातार रक्षाबंधन तक चलता है. गांव में झूले में भगवान श्रीकृष्ण को बैठाकर पहले तो उनका श्रृंगार किया जाता है फिर शाम को महिलायें सामूहिक रूप से झूला झुलाती हैं. झूला महोत्सव में सावनी गीत, लोकगीत और मंगल गीतों की धूम रात तक रहती है. उन्होंने बताया कि प्रतिदिन झूला महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण को झूला झुलाने के साथ ही महिलायें सामूूहिक रूप से ढोलक बजाकर नृत्य भी करती हैं. गांव में प्राचीन मंदिर में झूला महोत्सव का दृश्य माहौल ब्रज की तरह रहता है. प्रेम और एकता का प्रतीक झूला महोत्सव का समापन हर्षाेल्लास के साथ रक्षाबंधन के दिन सम्पन्न होगा. समाजसेवी नंदकिशोर यादव ने बताया कि ऐतिहासिक रामजानकी मंदिर में चल रहे झूला महोत्सव में स्वामी रामानंद, संतराम, प्रदीप, अमर सिंह, मान सिंह, अरिमर्दन सिंह, शंकर, प्रेम कुमार, बच्चू लाल शर्मा, नंदकिशोर पाठक व राम करण अवस्थी आदि के मन भावन भजन कीर्तन और सावनी गीतों की धूम मची हुयी है. झूला महोत्सव के समापन के बाद होगा आल्हा गायन विदोखर गांव निवासी एवं आचार्य मिथलेश द्विवेदी ने शुक्रवार को बताया कि ऐतिहासिक झूला महोत्सव रक्षाबंधन तक चलेगा. इसके अगले दिन 16 अगस्त को दोपहर से देर शाम तक देवी तलैया के प्राचीन मंदिर में आल्हा गायन का परम्परागत आयोजन होगा. कार्यक्रम के आयोजन में आल्हा गायक दिनेश सिंह, रणविजय सिंह, दुवारी विश्वकर्मा सहित तमाम कलाकार आल्हा की वीर गाथा सुनायेंगे. उन्होंने बताया कि आल्हा सुनने के लिये आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग हर साल की तरह इस बार भी आयेंगे. ../पंकज शेयर करेंLike this:Like Loading…