‘बुलबुल’ चक्रवात से बंगाल में 8 की मौत, प्रधानमंत्री ने दिया मदद का आश्वासन

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कोलकाता, प. बंगाल। भीषण चक्रवाती तूफान बुलबुल ने पश्चिम बंगाल में व्यापक तांडव मचाया है. कोलकाता के अलावा तटवर्ती जिलों उत्तर और दक्षिण 24 परगना में आठ लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि दो लाख 97 हजार लोग प्रभावित हुए हैं. करोड़ों रुपये की फसलें बर्बाद हो गई हैं और हजारों मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं.  सैकड़ों जगहों पर पेड़ गिरे हैं जिससे यातायात, बिजली आपूर्ति, टेलीफोन सेवा और अन्य जरूरी सेवाएं व्यापक तौर पर प्रभावित हुई हैं. अकेले कोलकाता में 30 जगहों पर पेड़ गिरे हैं. प्रभाव से राहत और बचाव हेतु मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय में कंट्रोल रूम खोला था और खुद रातभर जागकर निगरानी करती रही हैं.  उन्होंने प्रभावित लोगों की हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. मुख्यमंत्री ने अपना उत्तर बंगाल का दौरा भी रद्द कर दिया है और चक्रवात के कारण प्रभावित उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिले का दौरा कर प्रशासनिक बैठक करने का भी निर्णय लिया है.  सोमवार और मंगलवार को मुख्यमंत्री इन क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगी और अधिकारियों संग बैठक करेंगी. वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने चक्रवाती तूफान को लेकर मुख्यमंत्री से बात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया.  इन लोगों ने गंवा दी अपनी जान चक्रवात की वजह से पश्चिम बंगाल में अबतक आठ लोगों की मौत हो गई है. जिनकी पहचान, सुचित्रा मंडल (65) पर एक पेड़ गिर पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई. इसी तरह की एक घटना में गोखना गांव में कई पेड़ उखड़ गये, इनमें एक पेड़ की चपेट में आने से 47 वर्षीय महिला रेवा बिस्वास (48) और एक क्लब कर्मचारी सोहेल शेख (28) की मौत हो गई. जिले में एक लैम्प पोस्ट के संपर्क में आने से बिजली का झटका लगने से मनिरुल गाजी (50) की भी मौत हो गई. इनके अलावा प्राकृति मंडल (60), बिदेशी सरदार (60), कमला मंडल (82) और सुजाता दास (27) के रूप में हुई है. राज्यपाल ने की मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की और आपदा से निपटने के लिए राज्य तथा केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय को भी सराहा है. उन्होंने कहा है कि समय पर मौसम विभाग की भविष्यवाणी ने बुलबुल चक्रवात से होने वाले नुकसान को कम करने में काफी मदद की है.  उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं के आगे आकर प्रभावित लोगों की मदद करने का आह्वान किया. समाज के अमीर तबके को भी इसमें मदद के लिए प्रेरित किया है. राज्यपाल ने ऐसा तब किया है जब राजभवन और राज्य सरकार के बीच विभिन्न मुद्दों पर कई महीनों से लगातार टकराव चल रहा है.  प्रधानमंत्री ने दिया हर संभव मदद का आश्वासन  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुलबुल चक्रवात के प्रभाव का आकलन करने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की है. रविवार दोपहर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को फोन कर हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया है.  मुख्यमंत्री ने भी उन्हें आश्वस्त किया है कि राज्य प्रशासन हालात से निपटने हेतु पूरी तरह तैयार था और चक्रवात से विस्थापितों को राहत शिविरों में रखकर रहने खाने चिकित्सा आदि की व्यवस्था की गई है. इस चक्रवात से रेल यातायात एवं हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ था. 12 घंटे के लिए दमदम हवाई अड्डे से उड़ाने रद्द कर दी गई थी. हावड़ा और सियालदह मेन लाइन में रेलवे सेवा भी प्रभावित हुई है. कोलकाता में भी नगर निगम ने लोगों की सुविधाओं के लिए कंट्रोल रूम खोला था. राहत और बचाव हेतु कोलकाता पुलिस की आपदा प्रबंधन टीम के साथ-साथ राज्य पुलिस की आपदा प्रबंधन टीम, एनडीआरएफ तथा अन्य एजेंसियों ने समन्वय बनाकर काम किया है.  राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद खान ने इस बात की पुष्टि की कि राज्य में चक्रवात से दो लाख 97 हजार लोग प्रभावित हुए हैं. तटीय इलाकों और सुंदरवन के पास बकखाली, नामखाना, काकद्वीप और सागरद्वीप में चारो ओर तबाही का मंजर है. दो लोग अभी भी लापता हैं. नामखाना में दो जेटी भी क्षतिग्रस्त हो हुए हैं.  प्रभावित लोगों की मदद के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की संयुक्त टीम एक साथ काम कर रही है. जहां-जहां पेड़ गिरे हैं, वहां उन्हें काटकर हटाया जा रहा है.  बंगाल से विदा होकर बांग्लादेश पहुंचा तूफान  इधर मौसम विभाग ने बताया कि रविवार दोपहर बुलबुल चक्रवात पश्चिम बंगाल से विदा होकर बांग्लादेश की सीमा में प्रवेश कर चुका है. वहां तूफान के कारण भारी नुकसान हुआ है. करीब पांच लाख लोगों को बंगाल की खाड़ी से सटे तटीय क्षेत्रों से विस्थापित किया गया है.  ../ओम प्रकाश Like this:Like Loading…