भारत ने किया एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल ‘नाग’ का सफल परीक्षण

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नई दिल्ली. भारत ने पोखरण परीक्षण फायरिंग(Pokharan test firing ranges) रेंज में स्वदेशी मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. पाकिस्तान (Pakistan) का पसीना छुड़ाने वाली स्वदेशी नाग(Naag) एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का तीन बार सफल परीक्षण किया गया. इस दौरान दिन और रात के समय में मिसाइल का टेस्ट लॉन्च किया गया जो पूरी तरह से सफल रहा. स्वदेशी नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल पाकिस्तानी टैंकों को आसानी से अपना टारगेट बनाने में सक्षम है. रविवार को द्वारा विकसित एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का पोखरण (Pokharan) में सफल परीक्षण किया. इस मिसाइल से सेना को काफी मदद मिलेगी. साल 2017 और 2018 में नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल के दो सफल परीक्षण किए जा चुके हैं. दोनों टेस्ट राजस्थान के पोखरण में फायरिंग रेंज (Firing Range) में पूरे किए गए. डीआरडीओ (DRDO) की मानें तो इस मिसाइल की कई खूबियां हैं. इमेज के जरिये ये मिसाइल अपना अचूक निशाना साधती है और दुश्मन के टैंक का पीछा करते हुए उसे तबाह कर देती है. नाग मिसाइल वजन में इतनी हल्की है कि इसे इधर उधर आसानी से ले जाकर उपयोग में ले सकते हैं. पहाड़ी पर या दूसरी किसी जगह पर मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री कॉम्बैट व्हीकल के जरिए ले जाना काफी आसान है. इसका कुल वजन मात्र 42 किलो है. बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत ने टार्गेटेड वेपन के निर्माण और खरीद पर ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया है. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पहला रक्षा सौदा स्पाइस-2000 बम का किया गया है. एयरस्ट्राइक(Air strike) के दौरान वायु सेना ने इसी लेजर गाइडेड बम का इस्तेमाल किया था, यह इजराइल द्वारा निर्मित है. बीते महीने भारत ने इजराइल के साथ होने वाले एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का सौदा रद्द कर दिया था क्योंकि डीआरडीओ ने सरकार को आश्वस्त किया था कि बहुत जल्द इस तकनीक को देश में ही हासिल कर लिया जायेगा. शेयर करें