मोदी सरकार का बड़ा फैसला, Air India अब नहीं रहेगी सरकारी

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नई दिल्ली. बुरी तरह से कर्ज में डूबी Air India का बुरा दौरा काफी समय से चल रहा था. इसी को देखते हुए मोदी सरकार ने कंपनी को कर्ज से निकालने के लिए एक अहम फैसला लिया है. मोदी सरकार Air India को अब प्राइवेट कंपनी बनाने जा रही है. जल्द ही कंपनी का प्राइवेटाइजेशन कर दिया जाएगा.
मोदी सरकार का बड़ा फैसला- सेंट्रल एविएशन मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में इस बात का ऐलान किया है कि मोदी सरकार जल्द ही एयर इंडिया में बड़ी हिस्सेदारी को बेचने जा रही है. मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक सरकार एयर इंडिया में 76 फीसदी हिस्सेदारी किसी प्राइवेट कंपनी को बेच सकती है. सरकार ने इसके लिए विनिवेश प्रक्रिया को शुरू कर दिया है. Air India की हालत बुरी- आपको बता दें कि हाल ही में खबर आई थी कि अक्टूबर के बाद से ही एयर इंडिया के पास अपने कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए भी पैसे नहीं है. एयर इंडिया के एक वरिष्ट अधिकारी के मुताबिक कंपनी ने अपने कर्मचारियों को मई महीने में 10 दिनों की देरी से दी थी.एयर इंडिया को अपने कर्मचारियों को एक महीने में 300 करोड़ रुपए सैलरी के रूप में देने पड़ते है.
कंपनी के पास नहीं है पैसा- मोदी सरकार ने एयर इंडिया को अपनी हालत सुधारने के लिए 7,000 करोड़ रुपए दिए थे.जिसमें से अब कंपनी के पास सिर्फ 2,500 करोड़ रुपए ही बचे हैं.जिसका इस्तेमाल वो कंपनी की हालत सुधारने के लिए कर रही है.कंपनी 2,500 करोड़ रुपए का इस्तेमाल तेल कंपनियों और हवाईअड्डों के संतालकों सहित विक्रेताओं का बकाया चुकाने के लिए करेगी.साथ ही कंपनी इस रकम का इस्तेमाल कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने के लिए भी कर सकती है, इसके बाद कंपनी के पास कुछ नहीं बचेगा. 58,000 करोड़ के कर्ज में डूबी कंपनी- अब बात अगर इस वित्त वर्ष की जाए तो इस साल एयर इंडिया अपने 9.000 करोड़ रुपए के कर्ज का भुगतान करने पर काम कर रही है. इसके लिए कंपनी ने सरकार से मदद मांगी है.हालांकि उसके स्वीकार होने की संभावना अब नहीं है.क्योंकि सरकार इसमें 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी बेचने जा रही है. अंतरिम बजट में सरकार ने एयर इंडिया की कर्ज और संपत्तियों का ब्यौरा रखने वाली कंपनी एयर डंडिया एसेट्स होल्डिंग्स लिमिटेज को 3,900 करोड़ रुपए दिए थे.ताकि वो अपने कर्ज को चुका सके औक कंपनी का घाटा कम हो सके.एयर इंडिया पर कुल 58,000 करोड़ रुपए का कर्ज है.जिसमें से 29,464 करोड़ रुपए का कर्जा कंपनी ने अपने पास लिया था. शेयर करें