यहां होती है रावण की पूजा, राम और रावण की मूर्तियां है आमने- सामने

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बिलासपुर, 08 अक्‍टूबर एक ओर विजयादशमी पर असत्य पर सत्य की जीत पर प्रतीकात्मक रावण के पुतले का दहन पूरे देश किया जाता है. वहीं बिलासपुर जिले के तखतपुर ब्लॉक के रावण भाठा में रावण की हर रोज पूजा होती है. यहां भगवान राम, सीता लक्ष्मण और भगवान राम के साथ हनुमानजी भी विराजमान हैं. लगभग 75 साल पहले स्व. दुर्गा प्रसाद गुप्ता की बनायी गईं इन प्रतिमाओं में हर वर्ष पूजा होती है और दशहरे के दिन यहां प्रतिवर्ष भव्य मेला भी लगता है. तखतपुर के इस क्षेत्र का नाम रावण भाठा है. यहां रावण और भगवान श्रीराम की मूर्तियां आमने-सामने इस तरह बनायी गई हैं. जैसे रावण और श्रीराम का युद्ध हो रहा है. हर दिन यहां भगवान श्रीराम की पूजा करने वाला व्यक्ति रावण की भी पूजा करता है. यहां पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित भगवान शिव का भी एक विशाल मंदिर है. माना जाता है कि तख्तेश्वर महादेव के नाम से पहचान बना चुके इस मंदिर के नीचे यहां से मां महामाया रतनपुर तक एक सुरंग थी, जिसमें तखतपुर के राजा तख्तेश्वर सिंह रतनपुर पूजा अर्चना के लिए सुरंग मार्ग से जाया करते थे. आज भी मंदिर परिसर और उसके आसपास क्षेत्र की खुदाई की जाती है, तब पुराने बर्तन, औजार, श्रृंगार सामग्री व अन्य उपयोगी सामान निकलते है. तख्तेश्वर महादेव मंदिर के बाहर 25 फीट की शिवजी की विशाल प्रतिमा भी स्थापित है. लोग श्रावण मास और शिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव के साथ रावण् की प्रतिमा की करते हैं. यहीं पर मां किलावाली चण्डी मंदिर भी विख्यात है. प्रतिवर्ष दशहरे के दिन रावण भाठा में गुप्ता समाज की ओर से रावण दहन का कार्यक्रम किया जाता है. समाज के अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता ने बताया कि स्व. दुर्गा प्रसाद गुप्ता ने 1961 में रावण भाठा स्थल पर क्षेत्र के लोगों की धार्मिक भावनाओं को ख्याल में रखते हुए भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमानजी के साथ रावण की प्रतिमा बनवाई थी, जिनकी पूजा की जाती है. जब भी लोग तख्तेश्वर महादेव, चण्डी मंदिर और श्रीराम की पूजा करने आते हैं तो रावण की भी पूरी श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना की जाती है. ../उपेन्द्र शेयर करेंLike this:Like Loading…