यौन अपराध में फंसे लोगों को अब नौकरी मिलना हुआ मुश्किल, Rajya Sabha में पास हुआ POCSO बिल

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मोदी सरकार (Modi Government) में बच्चों को सुरक्षा देने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया है. मोदी सरकार ऐसा कानून लेकर आई है जिससे बच्चों के साथ के साथ यौन शोषण करने वाले को नौकरी मिलना मुश्किल हो जाएगा. राज्यसभा (Rajya Sabha) में आज (बुधवार को) यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण संबंधी विधेयक संशोधन (POCSO) बिल ध्वनिमत से पास हो गया. बिल पर चर्चा करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने बताया कि गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में 6.20 लाख यौन अपराधी हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को ट्रैक किया जा रहा है. और पुलिस जांच के बिना उन्हें कहीं भी नौकरी नहीं मिल सकती है. उन्होंने कहा कि इसके लिए गृह मंत्रालय जांच अधिकारियों और मेडिकल अफसरों की ट्रेनिंग भी करा रहा है. सरकार स्कूलों में भी इस बारे में जागरुकता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है. केंद्रीय मंत्री ने इस बिल को कल यानी मंगलवार को उच्च सदन में पेश किया था. जिस पर आज लंबी चर्चा हुई. चर्चा के दौरान पश्चिम बंगाल से टीएमसी सांसद डेरेक ओब्राइन ने अपने साथ हुई घटना की आपबीती भी सुनाई. बच्चों का संरक्षण संबंधी विधेयक संशोधन (POCSO) बिल राज्यसभा से पास होने के बाद 18 साल तक के उम्र के बच्चों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं में फांसी तक का प्रावधान होगा. पहले ये 12 साल के कम उम्र तक के बच्चों के साथ हुई घटनाओं पर लागू होता था. मोदी सरकार ने इससे संबंधित यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (संशोधन) बिल-2019 को इस साल की शुरुआत में ही संसद में पेश किया गया था, लेकिन इसे दोनों सदनों में पारित नहीं किया जा सका था. क्या है पॉक्सो एक्ट? बच्चों के साथ यौन अपराध करने वालों को अब फांसी की सजा दी जा सकेगी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को इसके लिए यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) कानून में जरूरी संशोधनों को मंजूरी दे दी है. कानून में संशोधन में बाल पोर्नोग्राफी पर लगाम लगाने के लिए सजा और जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है. शेयर करेंLike this:Like Loading…