राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष Madan Lal Saini का निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख

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राजस्थान के बीजेपी अध्यक्ष मदन लाल सैनी (Madan Lal Saini) का 75 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने अपनी जिंदगी की आखिरी सांस दिल्ली के एम्स ली. वे मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य भी थे. जानकारी के मुताबिक वे कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे. हाल ही में मदनलाल सैनी (Madan Lal Saini) के फेफड़ों में इंफेक्शन की शिकायत सामने आई थी. तबीयत ज्यादा खराब होने के चलते दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था. शुक्रवार को प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे (Vashundhara Raje) भी उनका हालचाल लेने अस्पताल पहुंची थी, उनकी तबियत को लेकर उन्होंने डॉक्टरों से भी बातचीत की थी. डॉक्टरों की सलाह पर ही उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था.   पीएम मोदी ने जताया दुख सैनी के निधन पर पीएम मोदी (PM Modi) सहित पार्टी के कई बड़े नेताओं ने दुख जताया है. पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा कि श्री मदनलाल सैनी जी का निधन बीजेपी परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है. उन्होंने राजस्थान में पार्टी को मजबूत करने में योगदान दिया. उनकी जन्मजात प्रकृति और सामुदायिक सेवा प्रयासों के लिए उन्हें बहुत सम्मान दिया गया. मेरे विचार उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं. ऊँ शांति। The passing away of Shri Madanlal Saini Ji is a major loss for the BJP family. He contributed to strengthening the Party in Rajasthan. He was widely respected for his congenial nature and community service efforts. My thoughts are with his family and supporters. Om Shanti.— Narendra Modi (@narendramodi) June 24, 2019 https://platform.twitter.com/widgets.js कैसा रहा राजनीतिक सफर मदनलाल सैनी का 13 जुलाई 1943 को सीकर में जन्म हुआ और वे छात्र जीवन में ही ने सिर्फ एबीवीपी से जुड़े, बल्कि एबीवीपी के प्रदेश मंत्री भी रहे. 1952 में वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े. सीकर से ताल्लुक रखते हैं लेकिन कर्मभूमि के तौर पर नजदीकी जिले झुंझनू को चुना. इनके व्यक्तित्व और संगठन के लिए समर्पण को सिर्फ एक पंक्ति से समझा जा सकता है- जैसे कोई अनुशासित फौजी. बीजेपी के तीन बार प्रदेश महामंत्री रहे हैं. इसके साथ ही 200 सालों तक अनुशासन समिति के सदस्य भी रहे हैं. सैनी संघ पृष्ठभुमि से आने वाले बीजेपी के दिग्गज नेताओं में शामिल थे. मौजूदा समय में वे राजस्थान से राज्यसभा सांसद थे.   2018 में बनाया गया था अध्यक्ष 1990 से 1992 के बीच वे उदयपुरवाटी से विधायक रह चुके हैं. उन्हें पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी के इस्तीफे के बाद लम्बी अटकलों के बीच 2018 में प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया था. मदनलाल सैनी से पहले इस पद पर अशोक परनामी कार्यरत थे, जिन्हें राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का विश्वस्त माना जाता था. 90 के दशक में विधायक बने. 2008 में फिर से झुंझनू की उसी माली समुदाय बहुल सीट से विधायक बनने की कोशिश में जमानत जब्त करवा बैठे. इसी दौरान दो लोकसभा चुनाव भी हारे. शेयर करें