वियना बैठक परमाणु समझौता बचाने का अंतिम मौका : ईरान

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ईरान ने शुक्रवार को कहा कि वियना में होने वाली बैठक साल 2015 में हुए परमाणु समझौता को बचाने का अंतिम अवसर होगी. इस समझौता से ईरान पिछले साल अलग हो गया था और तेहान को चेतावनी दी थी कि प्रतिबंधों का कृत्रिम समाधान स्वीकार्य नहीं होगा. ईरान इस बात की धमकी भी दे रहा है कि वह अमेरिकी प्रतिबंधों को धता बताने के लिए समझौते में तय सीमा से अधिक संवर्धित यूरेनियम का उत्पादन करेगा. राजनयिकों का कहना है कि ईरान इस लक्ष्य से कुछ दिन ही दूर है. ईरान के वरीय अधिकरी और परमाणु समझौते के अन्य पक्षकार इस समझौते को बचाने के लिए बैठक करेंगे, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों से ईरानी अर्थव्यवस्था को बचाने की बचाने की क्षमता यूरोपीय शक्तियों के पास सीमित है. इसके अलावा यह भी स्पष्ट नहीं है कि वे ईरान की अपेक्षानुरूप क्या कर सकते हैं. समाचार एजेंसी फार्स न्यूज के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मोसावी ने कहा, “ मैं समझता हूं कि यह बैठक समझौता के शेष पक्षकारों के एकत्रित होने और ईरान के प्रति प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की चर्चा के लिए अंतिम अवसर हो सकती है. “ उन्होंने कहा कि ईरान के समर्थन करने के बावजूद अन्य पक्षकार – ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी और रूस कोई कार्रवाई करने में विफल रहे हैं. .. / कृष्ण शेयर करें