सावन महीने में ‘चल भोले’ कहकर शिवभक्तों को दिया जाएगा काशी में सम्मान….

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वाराणसी: काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में बाबा के सबसे पसंदीदा महीने सावन की प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं. प्रदेश की योगी सरकार सावन के महीने में बाबा के भक्तों खासकर कावड़ियों को दर्शन पूजन में सुविधा देने की तैयारियों में जुट गए हैं. वहीं बाबा के भक्त भी कांवड़ यात्रा की तैयारियों में जुट गये हैं. पवित्र सावन महीना इस बार 17 जुलाई से प्रारम्भ हो रहा हैं. खास बात ये है कि सावन महीने की शुरूआत ही चन्द्रग्रहण से है. आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा 16 जुलाई को आधी रात में चन्द्रग्रहण लगेगा जो 17 जुलाई की सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर खत्म होगा. चन्द्र ग्रहण के चलते सावन माह के पहले दिन ही गंगा स्नान और बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन के बाद दान पुण्य के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब शहर में उमड़ पड़ेगा. ऐसे में भीड़ की सुरक्षा और यातयात को लेकर प्रदेश शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन रणनीति तैयार करने में जुट गया है. प्रदेश के राज्यमंत्री और शहर दक्षिणी के विधायक डॉ.नीलकंठ तिवारी खुद तैयारियों पर नजर रख रहे हैं. राज्यमंत्री ने सावन में कांवड़ियों को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने के रास्ते को सुगम बनाने के लिए खासा जोर दिया है. रेड कार्पेट पर चलकर जायेंगे शिवभक्त बाबा दरबार- सावन महीने में बाबा के दर्शन के लिए बैरिकेडिंग में खड़े भक्तों के लिए शासन के निर्देश पर रेड कार्पेट बिछाया जायेगा. नंगे पांव बाबा का दर्शन करने आए भक्त रेड कार्पेट पर चलकर मंदिर में जायेंगे. इस साल शिवभक्तों के लिए खासतौर पर एक दिवसीय पंचकोसी परिक्रमा दर्शन का भी इंतजाम करने का दावा शासन की ओर से किया जा रहा है. खास बात ये है कि ये यात्रा नि:शुल्क नहीं है. परिक्रमा दर्शन कराने और काशी में विराजमान द्वादश ज्योतिर्लिंग का दर्शन के लिए विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट, जिला प्रशासन के साथ पर्यटन विभाग ने मिलकर योजना बनाई है. पर्यटन विभाग द्वारा निर्धारित पैकेज का भुगतान करने पर शिवभक्तों को वाहन के माध्यम से जलपान आदि कराते हुए एक दिन में पंचकोसी परिक्रमा दर्शन और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराया जाएगा. ये सुविधा पूरे सावन महीने मिलेगी. राज्यमंत्री डॉ.नीलकंठ तिवारी के मुताबिक श्रावण मास में पूरे एक महीने तक चलने वाला ये विशेष पैकेज यदि सफल रहता है तो इसे हमेशा के लिए लागू किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इससे जहां श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, वहीं उनका समय भी बचेगा और ये योजना पर्यटकों को निश्चित रूप से आकर्षित भी करेगी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने पिछले वाराणसी दौरे में पंचकोसी परिक्रमा मार्ग का उद्घाटन भी कर चुके हैं. कांवड़ियों कर सेवा में लगेगा शिविर- पवित्र सावन महीने में आने वाले कांवड़ियों की सेवा में शहर में कई स्थानों पर सामाजिक संस्थाएं सेवा शिविर लगाती हैं. इसमें कांवड़ियों को आराम करने के साथ भोजन, नाश्ता की सुविधा मिलती है. इसके अलावा उनके पैरों में पड़े छाले का इलाज भी नि:शुल्क होता हैं. दशाश्वमेध स्थित चितरंजन पार्क एवं टाउन हॉल में भी पूर्व की भांति कांवरिया सेवा शिविर शासन के निर्देश पर लगाया जायेगा. शिवभक्तों को सम्मान के साथ चल भोले किया जायेगा सम्बोधित- सावन माह में शिवभक्तों के साथ पुलिस का दुर्व्यवहार रोकने के ​लिए भी शासन गम्भीर है. पिछले साल सावन के पहले सोमवार पर शिवभक्तों के साथ पुलिस कर्मियों के दुर्व्यवहार से हुई किरकिरी देख शासन के साथ जिला प्रशासन के अफसर भी सतर्क है. खुद राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने अफसरों के साथ बैठक कर इसको लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिये हैं. इस वर्ष कतार में खड़े बाबा के भक्तों को “चल भोले” के सम्मान के साथ आगे चलने के लिए संबोधित किया जायेगा. पूरे मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र ‘ऊं नमः शिवाय’ के उद्घोष से गूंजता रहेगा. चारों सोमवार को बाबा का खास श्रृंगार- सावन महीने के चारों सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ दरबार का खास श्रृंगार होगा. पहले सोमवार 22 जुलाई को भगवान शंकर का श्रृंगार, द्वितीय सोमवार 29 जुलाई को भगवान शंकर व मां पार्वती का श्रृंगार, तृतीय सोमवार व नागपंचमी 5 अगस्त को अर्धनारीश्वर का श्रृंगार, श्रावण मास के चतुर्थ सोमवार 12 अगस्त को बाबा का रुद्राक्ष से श्रृंगार किया जाएगा. 15 अगस्त रक्षाबंधन और पूर्णिमा को शिव परिवार के चल प्रतिमाओं का झूला श्रृंगार विशेष आकर्षण का केन्द्र होगा. ../श्रीधर/संजय शेयर करें