सोनभद्र हत्याकांड- कांग्रेस का योगी सरकार पर हमला, हिरासत में जितिन, हुड्डा और राजबब्बर समेत कई नेता..

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नई दिल्ली. सोनभद्र हत्याकांड पर कांग्रेस ने प्रेस कॉफ्रेंस की है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यूपी की योगी सरकार पर हमला बोला है. कांग्रेस ने कहा है कि बीजेपी ने उत्तर प्रदेश को अपराध प्रदेश बना दिया है. सुरजेवाला ने कहा कि आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करना चाहती है बीजेपी. बीजेपी ने दोषियों के साथ मिलकर साजिश रची है. वहीं कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह, राजीव शुक्ला, जितिन प्रसाद, मुकुल वासनिक, दीपेंद्र हुड्डा और राज बब्बर समेत कई कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने बनारस एयरपोर्ट पर रोका गया और फिर हिरासत में ले लिया गया है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सोनभद्र नरसंहार के पीड़ितों से मिलने के लिए अड़ी हुई हैं. प्रियंका का कहना है कि उन्होंने धारा 144 का उल्लंघन नहीं किया है. मैं पीड़ितों से मिले बिना नहीं जाउंगी. प्रियंका ने पूरी रात चुनार में ही गुजारी और शनिवार सुबह 10.15 बजे बाहर निकलकर कार्यकर्ताओं से मिलीं. खबर है कि सोनभद्र पीड़ित के परिजन चुनार गेस्ट हाउस में प्रिंयका गांधी से मुलाकात की. खुद प्रियंका गांधी ने इस बात की पुष्टि की है. प्रियंका ने कहा कि पीड़ित परिवार के 15 लोग मुझसे मिलने के लिए आए लेकि प्रशासन ने केवल दो लोगों को मुझसे मिलने दिया. इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प भी हुई. सोनभद्र नरसंहार के पीड़ित परिजन से मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी एक बार फिर धरने पर बैठ गई हैं. दरअसल, प्रियंका गांधी इस बात से नाराज हैं कि पीड़ित परिवार के 15 सदस्य उनसे मिलने आएं लेकिन सिर्फ दो को ही अंदर आने की इजाजत दी गई और बाकी लोगों को बाहर ही रोक लिया गया. Priyanka Gandhi ने कहा कि सोनभद्र गोलीबारी में पीड़ितों के साथ घोर अन्याय हुआ है, साथ ही कोई स्थानीय नेता, न कोई मंत्री, न ही मुख्यमंत्री उनसे मिले, मैं उनसे मिलूंगी. कांग्रेस पार्टी उन लोगों की आवाज बनेगी, जिनकी आवाज योगी सरकार दबा रही है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 20 घण्टे बाद भी चुनार के गेस्ट हाउस में हैं. प्रियंका बिना पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात किये वापस जाने को तैयार नहीं हैं. देर रात अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने अपना रुख कुछ लचीला भी किया था और पीड़ितों के परिजनों से कहीं भी मुलाकात को तैयार हो गई थीं लेकिन प्रशासन ने कोई आश्वासन नहीं दिया. जिसके बाद वो अभी भी अपने रुख पर कायम हैं. वहीं तृणमूल कांग्रेस के चार सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल को वाराणसी पुलिस ने वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे पर रोक दिया गया. ये प्रतिनिधिमंडल सोनभद्र में पीड़ितों के परिजनों से मिलने जा रहा था. इसका नेतृत्व पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन कर रहे हैं. चुनार के जिस गेस्ट हाउस में प्रियंका गांधी को रखा गया है वहां रात भर कार्यकर्ताओं का भी जमावड़ा लगा रहा. राज्यसभा सांसद पीएल पुनिया रात तीन बजे तक यहीं रहने के बाद सुबह सात बजे फिर पहुंच गए हैं. रात भर गेस्ट हाउस पर भीड़ कुछ कम रही. सुबह होते ही एक बार फिर भीड़ बढ़ने लगी है. मैं नरसंहार का दंश झेल रहे गरीब आदिवासियों से मिलने, उनकी व्यथा-कथा जानने आयी हूँ। जनता का सेवक होने के नाते यह मेरा धर्म है और नैतिक अधिकार भी। उनसे मिलने का मेरा निर्णय अडिग है।— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 19, 2019 शुक्रवार रात को कई ट्वीट्स में गांधी ने अपनी मांगों को दोहराया और कहा कि वह प्रभावित ग्रामीणों से मिलने के अपने फैसले को नहीं बदलेंगीं. प्रियंका ने लिखा- ‘मैं नरसंहार का दंश झेल रहे गरीब आदिवासियों से मिलने, उनकी व्यथा-कथा जानने आयी हूं. जनता का सेवक होने के नाते यह मेरा धर्म है और नैतिक अधिकार भी. उनसे मिलने का मेरा निर्णय अडिग है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा मुझे पिछले 9 घंटे से गिरफ़्तार करके चुनार किले में रखा हुआ है. प्रशासन कह रहा है कि मुझे 50,000 की जमानत देनी है अन्यथा मुझे 14 दिन के लिए जेल की सज़ा दी जाएगी, मगर वे मुझे सोनभद्र नहीं जाने देंगे ऐसा उन्हें ‘ऊपर से ऑर्डर है’. प्रियंका ने लिखा कि ‘मैंने न कोई क़ानून तोड़ा है न कोई अपराध किया है.बल्कि सुबह से मैंने स्पष्ट किया था कि प्रशासन चाहे तो मैं अकेली उनके साथ पीड़ित परिवारों से मिलने आदिवासियों के गाँव जाने को तैयार हूँ या प्रशासन जिस तरीके से भी मुझे उनसे मिलाना चाहता है मैं तैयार हू.’ यह है पूरा मामला
17 जुलाई को सोनभद्र में घोरावल के उभ्भा गांव में 112 बीघा खेत के लिए दस ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया गया था. लगभग 4 करोड़ रुपए की कीमत की इस जमीन के लिए प्रधान और उसके पक्ष ने ग्रामीणों पर अंधाधुन फायरिंग कर दी थी. इस हादसे में 25 अन्य लोग घायल हो गए थे. शेयर करेंLike this:Like Loading…