13 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा, इस तिथि पर बनाए किस्मत की पोटली

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इस बार शरद पूर्णिमा 13 अक्तूबर को है. ऐसा कहा जाता है कि इस दिन माता लक्ष्मी अपनी सवारी उल्लू पर सवार होकर धरती पर आती हैं और अपने सभी भक्तों पर आशीर्वाद देती हैं. आर्चाय विनोद भारद्वाज के अनुसार इस दिन जो भी भक्त माता की उपासना रात में जागकर करता हैं उनपर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है. आर्चाय विनोद भारद्वाज के अनुसार इस दिन श्रृद्धा से जो भी व्यक्ति मां लक्ष्मी की पूजा करता है मां उनकी सभी मनोकामनाएं को पूर्ण करती हैं.जिन लोगों की कुंडली में धन का योग दूर- दूर तक नहीं होता मां उनकी झोली भी धन से भर देती हैं. मां की कृपा पाने के लिए क्या करें ? रात के समय मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं. माता को गुलाब के फूल अति प्रिय हैं इसीलिए मां को गुलाब के फूल अर्पित करें. उन्हें भोग के रुप में मिठाई अर्पित करें. इसके बाद माता लक्ष्मी के मंत्र का उच्चारण करें “ॐ ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद महालक्ष्मये नमः”इस मंत्र का उच्चारण 11 बार करें. आचार्य विनोज भारद्वाज के अनुसार ऐसा करने से आपको धन की हानि कभी नहीं होगी. शरद पूर्णिमा का महत्व
ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी का जन्म हुआ था. इसीलिए इस दिन मां की अराधना करने से धन की प्राप्ति होती है. शरद पूर्णिमा के दिन से ही शरद ऋतु शुरु होती है. आचार्य विनोज भारद्वाज के अनुसार इस दिन चन्द्रमा संपूर्ण और सोलह कलाओं से युक्त होता है. इस रात चंद्रमा अपनी पूरी सोलह कलाओं के प्रदर्शन करते हुए दिखाई देता है .इस दिन चन्द्रमा से अमृत की वर्षा होती है जो धन, प्रेम और सेहत तीनों देती है. प्रेम और कलाओं से परिपूर्ण होने के कारण श्री कृष्ण ने इसी दिन महारास रचाया था. शरद पूर्णिमा के दिन आप खोल सकते हैं किस्मत के दरवाजे शरद पूर्णिमा की शाम सूर्यास्त से दो घंटे बाद अर्धरात्रि तक आप किस्मत की पोटली बना सकते हैं. शास्त्रों के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात किस्मत की पोटली बनाने से माता लक्ष्मी का वास होता है. किसम्त की पोटली बनाने की सामग्री
पीली कोड़ी तीन पीसमोती शंख एक पीसगोमती चक्र सात पीसविल्प पत्र एककमल गट्टी नौंकाली हल्दी एक पीसदेसी कपूररेशमी लाल रंग का वस्त्रविधि रात 12 बजे आप खुले आसमान के नीचे सफेद रंग का आसन लगाकर बैठकर गौरी और गणपति का पूजन करें फिर लाल रंग वाले कपड़े पर एक – एक सामग्री ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम: इस मंत्र को पढ़कर रात्रि भर खुले आसमान के नीचे को रख दें सुबह माता लक्ष्मी का पूजन करके इसे अपने घर ,दुकान, ऑफिस में रखने से माता लक्ष्मी की कृपा बरसेगी. इस पोटली को लक्ष्मी कुबेर सामराज्यदायक पोटली भी कहते हैं. शेयर करेंLike this:Like Loading…