Rahul Gandhi की जिद से मोदी का ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का सपना होगा आसान!

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बीजेपी के कांग्रेस मुक्त भारत अभियान को और आसान कर रहे हैं लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तथाकथित राफेल घोटाला मामले में आरोप लगाते हुए ‘चौकीदार चोर है’ नारा लगवा रहे थे इन दिनों राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की जिद और अड़ियल रवैये से कांग्रेस (Congress) के अधिकतर नेता परेशान हैं. आपसी बातचीत में वे कहने लगे हैं कि जब इनको कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा ही देना था तो अध्यक्ष बने ही क्यों? वह इस्तीफा वापस नहीं लेने की अपनी जिद से बीजेपी के कांग्रेस मुक्त भारत अभियान को और आसान कर रहे हैं. क्योंकि यदि एक बार पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद किसी शातिर नेता के कब्जे में चला गया तो उसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं. यह भी हो सकता है कि केन्द्र के दबाव में आकर ऐन मौके पर पाला बदल कर पार्टी को दो फाड़ कर दे. इस बारे में कांग्रेस नेता व वकील वी. चतुर्वेदी का कहना है कि जब सीताराम केसरी जैसा कांग्रेस का विश्वासी नेता पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद अकड़ में आ गये थे और सोनिया गांधी के लिए अध्यक्ष पद छोड़ने में हीलाहवाली करने लगे थे तो आज के नेता तो कुछ भी कर सकते हैं. आज गांधी परिवार के अलावा कांग्रेस के जो भी तथाकथित बड़े नेता हैं, उनमें ज्यादातर जब कांग्रेस की सरकार में मलाई काटकर बैठे हैं. इसके बावूजद इनमें कोई भी ऐसा नहीं है, जो मौजूदा केन्द्र की ताकतवर सरकार से लड़ सके. इस मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व सांसद हरिकेश बहादुर का कहना है कि  कांग्रेस में जो नीतिगत निर्णय करने वाले लोग हैं, वे चाहते हैं कि पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर काम चलाया जाये. फिलहाल कार्यकारी अध्यक्ष या अध्यक्ष जिसको बनाने की बात चल रही है, उनमें मल्लिकार्जुन खड़गे, सुशील कुमार शिंदे, मुकुल वासनिक जैसों का नाम चल रहा है. कुछ लोग अशोक चव्हाण का नाम चला रहे हैं. ये लोग मोदी –शाह की जोड़ी के सामने कहां टिक पायेंगे ? यूपी कांग्रेस के नेता घनश्याम मिश्रा कहते हैं कि कांग्रेस की दुर्गति के जिम्मेदार जो लोग हैं, वे सोनिया गांधी के समय उनके आंख-कान थे और आज राहुल गांधी के भी आधार स्तंभ हैं. चाहे वह अहमद पटेल हों या गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, प्रमोद तिवारी या इनके जैसे और लोग. इनमें से किसी में भी नरेन्द्र मोदी सरकार के विरूद्ध सड़क पर उतर कर आंदोलन करने का माद्दा नहीं है. ऐसे में राहुल गांधी कैसे उम्मीद करते हैं कि वह जब प्रधानमंत्री के बारे में कुछ कहते हैं तो वही बात सभी कांग्रेसी नेता उनकी ही तरह से सड़क पर उतर कर कहें. लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तथाकथित राफेल घोटाला मामले में आरोप लगाते हुए ‘चौकीदार चोर है’ नारा लगवा रहे थे लेकिन उस तरह का नारा उनके कितने बड़े नेताओं ने रैलियों में लगवाया? सब तो यह नारा लगवाने से डर रहे थे. अब 2019 में भी मोदी की अगुवाई में सरकार बन जाने से ये नेता और भी डर गये हैं. ऐसे में राहुल गांधी जिस तरह बीजेपी और मोदी सरकार से जूझना चाहते हैं, उस तरह कांग्रेस में कोई भी लड़ने को तैयार नहीं है. इनमें गुलाम नबी, आनंद शर्मा, अहमद पटेल, कमलनाथ, सचिन पायलट, अशोक गहलोत, भूपेन्द्र हुड्डा जैसे बड़े नेता शुमार हैं. जो युवा नेता हैं, वह भी उन्ही के ढर्रे पर हैं.    इन हालात में राहुल गांधी का पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने और उसे वापस नहीं लेने की जिद से कांग्रेस की और दुर्गति होने की आशंका बढ़ती जा रही है. राहुल गांधी के इस व्यवहार से बीजेपी को और लाभ हो रहा है. उसका काम राहुल गांधी आसान करते जा रहे हैं.  ../कृष्णमोहन Trending Tags- Aaj ka Samachar | Narendra Modi | Rahul Gandhi | Congress | BJP | Aaj ka Samachar शेयर करें